हरिवंशपर्व, अध्याय 24: चतुर्विशतितमोऽध्यायः, Verse 1
पितृकल्पः - ८ - पितृकल्प समाप्तिः Legend of Brahmadatta विभ्राज का ब्रह्मदत्त का पुत्र बनकर उत्पन्न होना, रानी सन्नति का ब्रह्मदत्त से रूठना, एक ब्राह्मण के कहे हुए श्लोकों से ब्रह्मदत्त, पाञ्चाल्य और कण्डरीक को अपने पूर्वजन्म का ज्ञान होना तथा ब्रह्मदत्त आदि का तप करके मुक्त हो जाना मार्कण्डेय उवाच ।
ब्रह्मदत्तस्य तनयः स विभ्राजस्त्वजायत ।
योगात्मा तपसा युक्तो विष्वक्सेन इति श्रुतः ॥ १॥