Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209

Containing 7 sacred Sanskrit shlokas with multi-author commentaries and translations.

Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209, Verse 1

इति श्रीगारुडे महापुराणे पूर्वखण्डे प्रथमांशाख्ये आचारकाण्डे समवृत्तलक्षणादिनिरूपणं नाम नवोत्तरद्विशततमोऽध्यायः श्रीगरुडमहापुराणम्- २१० सूत उवाच ।

सससलगाश्च विषमे पादे यद्युपचित्रकम् ।

समे भौ भगगाः स्युश्च द्रुतमध्या भभौ भगौ ॥

१,२१०.१ ॥

Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209, Verse 2

गः पादे विषमेऽन्यत्र नजौ ज्यौ च गणौ स्मृतौ ॥

१,२१०.२ ॥

Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209, Verse 3

विषमे वेगवती सा गः समे भौ भो गगौ गणाः ।

पादेऽसमे तजौ रो गः समे मसौ जगौ गरुः ।

भवेद्भद्रविराट्केतुमती तु विषमे सजौ ॥

१,२१०.३ ॥

Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209, Verse 4

सगौ समे भ्रौ नगगा आख्यानकी त्वथासमे ।

तौ जो गगौ समे पादे जतजा गुरुकद्वयम् ॥

१,२१०.४ ॥

Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209, Verse 5

विपरीताख्यानकं स्याद्विषमे जस्तजौ गगौ ।

ततौ जगौ समे गः स्यात्पिङ्गलेन ह्युदाहृतम् ॥

१,२१०.५ ॥

Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209, Verse 6

पादेऽथ विषमे चैव पुष्पिताग्रा ननौ रयौ ।

समे नजौ जरौ गश्च वैतालीयं वदन्ति हि ।

वृत्तञ्चापरवक्त्राख्यमौपच्छन्दसिकं परम् ॥

१,२१०.६ ॥

Garuda Purana

पूर्वखण्डः (आचारकाण्डः), अध्याय 209, Verse 7

वाङ्मती रजरा यः स्यादयुग्मे जरजा रगौ ॥

१,२१०.७ ॥