Atharva Veda
Kaanda 7, Sukta 59, Verse 1
शाप-मोचनम् ।
यो नः॒ शपा॒दश॑पतः॒ शप॑तो॒ यश्च॑ नः॒ शपा॑त् ।
वृ॒क्ष इ॑व वि॒द्युता॑ ह॒त आ मूला॒दनु॑ शुष्यतु
Containing 1 sacred Sanskrit shlokas with multi-author commentaries and translations.
शाप-मोचनम् ।
यो नः॒ शपा॒दश॑पतः॒ शप॑तो॒ यश्च॑ नः॒ शपा॑त् ।
वृ॒क्ष इ॑व वि॒द्युता॑ ह॒त आ मूला॒दनु॑ शुष्यतु