Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31

Containing 11 sacred Sanskrit shlokas with multi-author commentaries and translations.

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 1

यक्ष्मनाशनम्

वि दे॒वा ज॒रसा॑वृत॒न् वि त्वम॑ग्ने॒ अरा॑त्या ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 2

व्यार्त्या॒ पव॑मानो॒ वि श॒क्रः पा॑पकृ॒त्यया॑ ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 3

वि ग्रा॒म्याः प॒शव॑ आर॒ण्यैर्व्याऽप॒स्तृष्ण॑यासरन् ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 4

वी॒३मे द्यावा॑पृथि॒वी इ॒तो वि पन्था॑नो॒ दिशं॑दिशम् ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 5

त्वष्टा॑ दुहि॒त्रे व॑ह॒तुं यु॑न॒क्तीती॒दं विश्वं॒ भुव॑नं॒ वि या॑ति ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 6

अ॒ग्निः प्रा॒णान्त्सं द॑धाति च॒न्द्रः प्रा॒णेन॒ संहि॑तः ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 7

प्रा॒णेन॑ वि॒श्वतो॑वीर्यं दे॒वाः सूर्यं॒ समै॑रयन् ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 8

आयु॑ष्मतामायु॒ष्कृतां॑ प्रा॒णेन॑ जीव॒ मा मृ॑थाः ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 9

प्रा॒णेन॑ प्राण॒तां प्राणे॒हैव भ॑व॒ मा मृ॑थाः ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 10

उदायु॑षा॒ समायु॒षोदोष॑धीनां॒ रसे॑न ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा

Atharva Veda

Kaanda 3, Sukta 31, Verse 11

आप॒र्जन्य॑स्य वृ॒ष्ट्योद॑स्थामा॒मृता॑ व॒यम् ।

व्य॑१हं सर्वे॑ण पा॒प्मना॒ वि यक्ष्मे॑ण॒ समायु॑षा