Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74

Containing 7 sacred Sanskrit shlokas with multi-author commentaries and translations.

Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74, Verse 1

यच्चि॒द्धि स॑त्य सोमपा अनाश॒स्ता इ॑व॒ स्मसि॑ ।

आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ

Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74, Verse 2

शिप्रि॑न् वाजानां पते॒ शची॑व॒स्तव॑ दं॒सना॑ ।

आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ

Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74, Verse 3

नि ष्वा॑पया मिथू॒दृशा॑ स॒स्तामबु॑ध्यमाने ।

आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ

Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74, Verse 4

स॒सन्तु॒ त्या अरा॑तयो॒ बोध॑न्तु शूर रा॒तयः॑ ।

आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ

Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74, Verse 5

समि॑न्द्र गर्द॒भं मृ॑ण नु॒वन्तं॑ पा॒पया॑मु॒या ।

आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ

Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74, Verse 6

पता॑ति कुण्डृ॒णाच्या॑ दू॒रं वातो॒ वना॒दधि॑ ।

आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ

Atharva Veda

Kaanda 20, Sukta 74, Verse 7

सर्वं॑ परिक्रो॒शं ज॑हि ज॒म्भया॑ कृकदा॒श्वऽम् ।

आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ